Happy Birthday Sanath Jayasuriya सनथ जयसूर्या की जीवनी और उनका क्रिकेट करियर

0
4


क्रिकेट की दुनिया में अक्सर ऐसा कहा जाता है की अगर आप अपने शुरू के 10-15 ओवर आसानी से खेल लेते है तो आप आगे एक बड़ा लक्ष्य हासिल कर सकते है। मगर पूर्व श्रीलांकाई क्रिकेटर Sanath Jayasuriya ने इस बात को पूरी तरह गलत साबित करके दिखा दिए। वह कहते है की अक्सर लोग आपसे उम्मीद लगाकर बैठते है की आप आये और धीरे-धीरे अपनी पारी को आगे लेकर जाए। मगर खुद में Sanath Jayasuriya इस बात के बिलकुल भी पक्ष में नहीं हूँ और अपनी पारी को शुरू से ही आगे बढ़ाने की सोच रखता हूँ। ऐसा उन्होंने एक दफा नहीं कई दफा ये साबित करके दिखाए की आखिर क्यों उन्हें सबसे आक्रमक और खतरनाक बल्लेबाज कहा जाता है। अगर दोस्तों आपको Sanath Jayasuriya से जुड़ा ये वाक्ये नहीं मालुम तो आपको बता दूँ की उनके लिया अक्सर ऐसा कहा जाता है की वो क्रिकेटर नहीं, तूफ़ान था, आता था, तबाही मचाता था, और चला जाता था। तो दोस्तों अगर आप भी पूर्व श्रीलांकाई क्रिकेटर सनथ जयसूर्या के फैन है तो आपको बता दूँ की आज उनका जन्मदिन है जी हाँ दोस्तों आज ही के दिन 30 June 1969 को वह Matara, Sri Lanka में पैदा हुए थे और आज वह पुरे 52 वर्ष के हो गए है। तो अब दोस्तों बिना समय लगाए हम चलते है उनसे जुडी बाते जानने के लिया। 

सनथ जयसूर्या का जन्म परिवार और शुरूआती जीवन 

एक बार फिर आपको बता दूँ की आज सनथ जयसूर्या पुरे 52 साल के हो गए। आज ही के दिन 30 June 1969  को सनथ जयसूर्या का जन्म दक्षिणी श्रीलंकाई शहर मतारा में डंस्टन और ब्रीडा जयसूर्या के परिवार में हुआ था। उनका एक बड़ा भाई भी है जिसका नाम चंदना जयसूर्या है। उनकी शुरूआती शिक्षा सेंट सर्वाटियस कॉलेज, मतारा में हुई, जहाँ उनकी क्रिकेट प्रतिभा को उनके स्कूल के प्रिंसिपल, जी.एल. गैलापथी और क्रिकेट कोच, लियोनेल वागासिंघे ने पहचान लिया। उन्होंने सेंट सर्वेटियस कॉलेज, मतारा में क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया और वार्षिक सेंट थॉमस-सेंट में कॉलेज क्रिकेट टीम की कप्तानी की।

सनथ जयसूर्या का क्रिकेट करियर 

जैसा की दोस्तों आप भी जानते है की अक्सर कहा जाता है की शुरूआती ओवर से बचो और आखिरी में फोड़ो। ये बात आज भी सभी टीम के ओपनर बल्लेबाज मानते है परन्तु क्या आप जानते इस तरह की सोच के बिलकुल विपरीत थे सनथ जयसूर्या। उनका मानना था की अगर आपने शुरू के ही 10-15 ओवर में बॉलर पर दबाव बना लिया था तो आप बहुत आगे निकल जाओगे। इसी बात को फॉलो करते हुए वह उस समय के सबसे विस्फोटक बल्लेबाज माने जाते थे जिन्होंने उस समय सबसे तेज 50, 100, 150 का रिकॉर्ड अपने नाम किये थे। तो दोस्तों अब बिना समय गवाए हम आपको सनथ जयसूर्या के अंतराष्टीय करियर के बारे में जानकारी देते है। 

  1. टेस्ट क्रिकेट करियर : श्रीलंका के इस हरफमौला खिलाड़ी ने 22 फ़रवरी 1991 के दिन New Zealand के खिलाफ करियर की शुरुआत की थी और अपने करियर में उन्होंने 110 टेस्ट मैच खेले जिनमे उन्होंने 40.07 की औसत से 6,973 रन बनाये जिसमे 14 शतक और 31 अर्धशतक मौजूद है। इसके अतिरिक्त उन्होंने अपनी बोलिंग से भी लोगो का दिल जीता है जिसमे उन्होंने 34.34 की औसत से 98 विकेट लिए है। उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट मैच एक दिसम्बर 2007 के दिन इंग्लैंड के खिलाफ खेला था। जिसमे 340 रन उनका सर्वाधिक स्कोर है। 
  2. एकदिवसीय क्रिकेट करियर : सनथ ने 26 दिसम्बर 1989 के दिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने एकदिवसीय खेल की शुरुआत की थी जिसमे उन्होंने 445 एकदिवसीय मैच खेले है और उसमे 13,430 रन बनाये जिसमे उन्होंने 28 शतक और 68 अर्धशतक लगाए है। इसी के साथ उन्होंने 323 विकेट भी लिए है। एकदिवसीय खेल में उनका सर्वाधिक 189 रन रिकॉर्ड है। इसके बाद उन्होंने अपना आखिरी मैच 28 जून 2011 के दिन इंग्लैंड के खिलाफ खेले थे। 
  3. टी-20 क्रिकेट करियर : क्रिकेट को अलग दिशा देने में श्रीलांकाई खिलाड़ी जयसूर्या का बहुत बड़ा योगदान है। टी-20 में उनके करियर की शुरुआत 15 जून 2006 के दिन इंग्लैंड के खिलाफ शुरू की थी। इस दौरान उन्होंने 111 मैचों में 2,317 रन बनाये है। जिसमे एक शतक और 12 अर्धशतक शामिल है। टी-20 में उनका व्यक्तिगत स्कोर 114 रन सर्वाधिक है। इसी के साथ उन्होंने अपने टी-20 करियर में 77 विकेट भी अपने नाम किये है। 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here